computer graphics क्या है ? - कंप्यूटर ग्राफिक्स का उपयोग ?

computer graphics in hindi: जब भी कोई व्यक्ति new computer खरीदने के लिए जाता है. तो कई सारे बातों को ध्यान में रखकर किसी Computer को खरीदता है. जैसे : RAM, Hardisk, processor, graphics card को जरूर ध्यान में रखता है. लेकिन कई ऐसे लोग होते है. जो computer graphics को check ही नहीं करते है. क्यूंकि उसे पता ही नहीं होता है. computer graphics क्या है ? अगर आपको भी नहीं पता तो आज आपको इस Article (what is computer graphics in hindi) में पूरी जानकारी मिलेगी तो चलिए शुरू करते है.



computer graphics क्या है ?


computer graphics kya

computer graphics एक ऐसी Technology है. जिसके जरिये आप अपने कंप्यूटर ग्राफिक्स से डिजिटल फोटोग्राफी, फिल्म, वीडियो गेम, सेल फोन और कंप्यूटर डिस्प्ले, को computer programing के द्वारा बनाया जाता है.


अगर आसान भाषा में कहे तो computer में हम जब कोई चित्र या रेखा को बनाते है. उसे ही computer graphics कहते है.


computer graphics विशेष Hardware और software का एक बड़ा सौदा विकसित किया गया है.  जिसमें अधिकांश उपकरणों को कंप्यूटर ग्राफिक्स हार्डवेयर द्वारा संचालित किया जाता है। यह computer science का एक विशाल और हाल ही में विकसित क्षेत्र है।


कंप्यूटर ग्राफिक्स को सबसे पहले सन 1960 ई. में Verne Hudson और William Fetter ने बनाया गया था. computer graphics को "CG" के नाम से भी जाना जाता है.


जब हम किसी भी चीज़ का design तैयार करने के लिए एक कागज पे drawing बनाते है. जिसके लिए हमे Pencil, Color और Eraser की आवश्यकता होती है. drawing करते समय अगर हमसे कोई line गलत होता है तो उसे eraser की मदद से मिटाया जा सकता है. वही कोई color गलत होने पे पूरा कागज को ही बदलना पड़ता है. क्यूंकि color या धब्बों को eraser से नहीं मिटा सकते है. जिसके कारण काफी परेशानी होती है.


इन्ही सब समस्याओं से बचने के लिए हम computer graphics का इस्तेमाल करते है. जिससे हम बड़े  आसानी से कोई drawing को बना सकते है. और गलती होने पे उसे ठीक भी कर सकते है. computer graphics की मदद से revolutionized animation, movies, advertising, video games, and graphic design इत्यादि को बना सकते है.



कंप्यूटर ग्राफिक्स के उपयोग



  • computer graphics का उपयोग बहुत से कामों के लिए किया जाता है.

  • 2D या 3D animation बनाने के लिए.

  • animated movies को बनाना।

  • 2D या 3D Games

  • building architecture drawing बनाने के लिए।

  • Weather information के लिए


इन जैसी और भी कई सारे कामों के लिए computer graphics का इस्तेमाल जाता है.



कंप्यूटर ग्राफिक्स के लाभ


अगर हम किसी भी चीज़ का design तैयार करने के लिए एक कागज पे drawing बनाते है. जिसके लिए हमे Pencil, Color और Eraser की आवश्यकता होती है. drawing करते समय अगर हमसे कोई line गलत होता है तो उसे eraser की मदद से मिटाया जा सकता है. वही कोई color गलत होने पे पूरा कागज को ही बदलना पड़ता है. क्यूंकि color या धब्बों को eraser से नहीं मिटा सकते है. जिसके कारण काफी परेशानी होती है.


वही computer graphics का इस्तेमाल करके   हम बड़े  आसानी से कोई drawing को बना सकते है. और गलती होने पे उसे ठीक भी कर सकते है. computer graphics की मदद से revolutionized animation, movies, advertising, video games, and graphic design इत्यादि को बना सकते है.


computer graphics की मदद से हम किसी भी डिज़ाइन या drawing को बहुत ही कम समय में अपने मुताबिक बना है.



कंप्यूटर ग्राफिक्स के इतिहास 


कंप्यूटर ग्राफिक्स को सबसे पहले सन 1960 ई. में Verne Hudson और William Fetter ने बनाया गया था. computer graphics को "CG" के नाम से भी जाना जाता है.


बदलते समय के अनुसार ये भी काफी advanced होते आ रहे है. हमने आपके लिए इसके ऊपर पूरी जानकारी दे रखे है. history of computer graphics in hindi आप इसे पढ़ सकते है.



कंप्यूटर ग्राफिक्स के प्रकार


Computer Graphics के मुख्यतः दो प्रकार होते है.




  1. interactive computer graphics

  2. non interactive computer graphics


interactive computer graphics : interactive  कंप्यूटर ग्राफिक्स वो होता जिस आप खुद involb होते है. उसे इंटरैक्टिव  कंप्यूटर ग्राफ़िक्स कहा जाता है. जैसे: अगर आप कंप्यूटर पे कोई game या drawing को बनाते है. तो उस वक्त computer को आप उन सभी कार्य करने के लिए comand देते है. फिर उस कार्य को पूरा करके computer आपको display करता है.


इस कार्य में users और computer के बिच two way communiton होता है. इसमें user input device के द्वारा कंप्यूटर को request करते है. और computer इनपुट डिवाइस द्वारा आयी गई request के अनुसार कार्य को करता है. इसमें user input device के द्वारा कितनी भी comand को दे सकते है.


2:- non interactive computer graphics:- non interactive कंप्यूटर ग्राफ़िक्स को passive computer graphics भी कहते है.



passive computer graphics वह ग्राफ़िक्स होता है जिसमें कंप्यूटर पर दिखाई देने वाली पिक्चर या इमेज पर user का किसी भी प्रकार का नियन्त्रण नहीं होता है अर्थात इसमें यूजर pictures के साथ interact नही कर सकता है.


user केवल कंप्यूटर पर इमेज को देख सकता है उसमें कोई बदलाव नहीं कर सकता है.


इसमें user तथा कंप्यूटर के मध्य केवल one way कम्युनिकेशन होता है.






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निष्कर्ष :


तो दोस्तों आज आपने सीखा की computer graphics क्या है ? अगर आपको इस post से कुछ जानकारी मिली हो तो इसे share जरूर करें। साथ ही अगर आप अपना कोई सुझाव देना चाहते है. तो हमे comment box में जरूर बताये।